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mahabharat 3.202.28-29: भूपाल! भगवान विष्णु अपने पराक्रम से तुम्हारा तेज बढ़ाएँगे। उन्होंने पूर्वकाल में मुझे यह वरदान दिया था कि जो राजा उस भयानक एवं महान् राक्षस को मारने के लिए तत्पर होगा, उस वीर योद्धा में मेरा वैष्णव तेज प्रवेश कर जाएगा। 28-29॥   |   mahabharat अध्याय 3.202: उत्तङ्कका राजा बृहदश्वसे धुन्धुका वध करनेके लिये आग्रह   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 202: उत्तङ्कका राजा बृहदश्वसे धुन्धुका वध करनेके लिये आग्रह  »  श्लोक 28-29
 
 
श्लोक  3.202.28-29 
तेजसा तव तेजश्च विष्णुराप्याययिष्यति।
विष्णुना च वरो दत्त: पूर्वं मम महीपते॥ २८॥
यस्तं महासुरं रौद्रं वधिष्यति महीपति:।
तेजस्तं वैष्णवमिति प्रवेक्ष्यति दुरासदम्॥ २९॥
 
 
अनुवाद
भूपाल! भगवान विष्णु अपने पराक्रम से तुम्हारा तेज बढ़ाएँगे। उन्होंने पूर्वकाल में मुझे यह वरदान दिया था कि जो राजा उस भयानक एवं महान् राक्षस को मारने के लिए तत्पर होगा, उस वीर योद्धा में मेरा वैष्णव तेज प्रवेश कर जाएगा। 28-29॥
 
Bhupal! Lord Vishnu will increase your glory with his might. He had given me this boon in the past that the king who would be ready to kill that terrible and great demon, my Vaishnav glory would enter into that brave warrior. 28-29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)