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mahabharat 3.202.27: उस राक्षस के मारे जाने पर सब लोग स्वस्थ और सुखी हो जाएँगे। मैं मानता हूँ कि उसका नाश करने के लिए आप ही पर्याप्त हैं॥27॥   |   mahabharat अध्याय 3.202: उत्तङ्कका राजा बृहदश्वसे धुन्धुका वध करनेके लिये आग्रह   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 202: उत्तङ्कका राजा बृहदश्वसे धुन्धुका वध करनेके लिये आग्रह  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  3.202.27 
लोका: स्वस्था भविष्यन्ति तस्मिन् विनिहतेऽसुरे।
त्वं हि तस्य विनाशाय पर्याप्त इति मे मति:॥ २७॥
 
 
अनुवाद
उस राक्षस के मारे जाने पर सब लोग स्वस्थ और सुखी हो जाएँगे। मैं मानता हूँ कि उसका नाश करने के लिए आप ही पर्याप्त हैं॥27॥
 
When that demon is killed, everyone will become healthy and happy. I believe that you alone are sufficient to destroy him.॥ 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)