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श्लोक  3.202.26 
तेन राजन्न शक्नोमि तस्मिन् स्थातुं स्व आश्रमे।
तं विनाशय राजेन्द्र लोकानां हितकाम्यया॥ २६॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! इसके कारण मेरा आश्रम में रहना कठिन हो गया है। महाराज! समस्त लोकों के हित के लिए कृपया उस राक्षस का नाश कीजिए।
 
O King! Due to this it has become difficult for me to stay in my ashram. Maharaj! For the benefit of all people please destroy that demon. 26.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)