श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 202: उत्तङ्कका राजा बृहदश्वसे धुन्धुका वध करनेके लिये आग्रह  »  श्लोक 2
 
 
श्लोक  3.202.2 
शशादस्य तु दायाद: ककुत्स्थो नाम वीर्यवान्।
अनेनाश्चापि काकुत्स्थ: पृथुश्चानेनस: सुत:॥ २॥
 
 
अनुवाद
शशदा का पुत्र पराक्रमी ककुत्स्थ था। ककुत्स्थ का पुत्र अनेना और अनेना का पुत्र पृथु था।
 
Shashada's son was the mighty Kakutstha. Kakutstha's son was Anena and Anena's son was Prithu.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)