vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 202: उत्तङ्कका राजा बृहदश्वसे धुन्धुका वध करनेके लिये आग्रह
»
श्लोक 2
श्लोक
3.202.2
शशादस्य तु दायाद: ककुत्स्थो नाम वीर्यवान्।
अनेनाश्चापि काकुत्स्थ: पृथुश्चानेनस: सुत:॥ २॥
अनुवाद
शशदा का पुत्र पराक्रमी ककुत्स्थ था। ककुत्स्थ का पुत्र अनेना और अनेना का पुत्र पृथु था।
Shashada's son was the mighty Kakutstha. Kakutstha's son was Anena and Anena's son was Prithu.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×