राजा हि वीर्यवांस्तात इक्ष्वाकुरपराजित:॥ ३२॥
बॄहदश्व इति ख्यातो भविष्यति महीपति:।
तस्य पुत्र: शुचिर्दान्त: कुवलाश्व इति श्रुत:॥ ३३॥
अनुवाद
हे प्रिये! इक्ष्वाकु कुल में बृहदश्व नामक एक अत्यन्त शक्तिशाली राजा उत्पन्न होगा, जो कभी किसी से पराजित नहीं होगा। उसका पवित्र एवं संयमी पुत्र कुवलश्व नाम से विख्यात होगा।
O dear! In the Ikshwaku clan, a very powerful king known as Brihadashwa will be born who will never be defeated by anyone. His pure and self-controlled son will be famous by the name of Kuvalashwa. 32-33.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)