Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.201.20: पुरुषोत्तम! आपके संतुष्ट होने पर ही संसार स्वस्थ और सुखी रहता है और जब आप क्रोधित होते हैं तो उसे महान भय का सामना करना पड़ता है। केवल आप ही सभी भय को दूर कर सकते हैं। | mahabharat अध्याय 3.201: उत्तङ्ककी तपस्यासे प्रसन्न होकर भगवान्का उन्हें वरदान देना तथा इक्ष्वाकुवंशी राजा कुवलाश्वका धुन्धुमार नाम पड़नेका कारण बताना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुरुषोत्तम! आपके संतुष्ट होने पर ही संसार स्वस्थ और सुखी रहता है और जब आप क्रोधित होते हैं तो उसे महान भय का सामना करना पड़ता है। केवल आप ही सभी भय को दूर कर सकते हैं।
Purushottam! The world is healthy and happy only when you are satisfied and when you are angry it has to face great fear. You alone can remove all fear.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥