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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 201: उत्तङ्ककी तपस्यासे प्रसन्न होकर भगवान्का उन्हें वरदान देना तथा इक्ष्वाकुवंशी राजा कुवलाश्वका धुन्धुमार नाम पड़नेका कारण बताना
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श्लोक 19
श्लोक
3.201.19
त्वया व्याप्तानि सर्वाणि भूतानि भुवनेश्वर।
योगिन: सुमहावीर्या: स्तुवन्ति त्वां महर्षय:॥ १९॥
अनुवाद
हे भुवनेश्वर! आप सम्पूर्ण प्राणियों में व्याप्त हैं। परम शक्तिशाली योगी और मुनिगण आपकी स्तुति करते हैं॥19॥
Bhuvaneshwar! You have pervaded all beings. The most powerful Yogis and sages praise you.॥19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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