उत्तङ्क उवाच
त्वया देव प्रजा: सर्वा: ससुरासुरमानवा:।
स्थावराणि च भूतानि जङ्गमानि तथैव च॥ १४॥
अनुवाद
उत्तंक ने कहा - हे प्रभु! देवता, दानव, मनुष्य आदि सभी प्राणी आपसे ही उत्पन्न हुए हैं। आपने ही स्थावर-जंगम सभी प्राणियों की रचना की है॥ 14॥
Uttanka said - O Lord! All creatures like gods, demons, humans etc. have originated from you. You have created all the mobile and immobile creatures.॥ 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥