Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.200.53: जो लोग अपने खेतों में उगाई गई फसल दान करते हैं, वे बिना किसी कष्ट के चले जाते हैं। जो लोग अपने मकान दान करते हैं, वे बड़े आराम और सुविधा के साथ हवाई जहाज में बैठकर चले जाते हैं ॥ 53॥ | mahabharat अध्याय 3.200: निन्दित दान, निन्दित जन्म, योग्य दानपात्र, श्राद्धमें ग्राह्य और अग्राह्य ब्राह्मण,दानपात्रके लक्षण, अतिथि-सत्कार, विविध दानोंका महत्त्व, वाणीकी शुद्धि, गायत्रीजप, चित्तशुद्धि तथा इन्द्रिय-निग्रह आदि विविध विषयोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग अपने खेतों में उगाई गई फसल दान करते हैं, वे बिना किसी कष्ट के चले जाते हैं। जो लोग अपने मकान दान करते हैं, वे बड़े आराम और सुविधा के साथ हवाई जहाज में बैठकर चले जाते हैं ॥ 53॥
People who donate the crops grown in their fields go away without any trouble. People who donate their houses go away sitting in airplanes with great comfort and convenience. ॥ 53॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥