Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.200.42: अन्नदान करने वाले पुरुष पहले स्वर्ग में जाते हैं। उसके बाद सत्यवादी पुरुष जाता है। फिर बिना माँगे दान करने वाला पुरुष जाता है। इस प्रकार ये तीनों पुण्यात्मा मनुष्य गति को प्राप्त होते हैं॥ 42॥ | mahabharat अध्याय 3.200: निन्दित दान, निन्दित जन्म, योग्य दानपात्र, श्राद्धमें ग्राह्य और अग्राह्य ब्राह्मण,दानपात्रके लक्षण, अतिथि-सत्कार, विविध दानोंका महत्त्व, वाणीकी शुद्धि, गायत्रीजप, चित्तशुद्धि तथा इन्द्रिय-निग्रह आदि विविध विषयोंका वर्णन । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अन्नदान करने वाले पुरुष पहले स्वर्ग में जाते हैं। उसके बाद सत्यवादी पुरुष जाता है। फिर बिना माँगे दान करने वाला पुरुष जाता है। इस प्रकार ये तीनों पुण्यात्मा मनुष्य गति को प्राप्त होते हैं॥ 42॥
Men who donate food enter heaven first. After that, the truthful person goes. Then the man who donates without asking goes. In this way, these three pious souls attain the same state as humans.॥ 42॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥