Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.20.5: हे राजनश्रेष्ठ! मेरे ऐसा पूछने पर कृतवर्मा ने मुझे शाल्व द्वारा द्वारकापुरी पर घेरा डालने और फिर उसे छोड़कर भाग जाने का सारा वृत्तांत विस्तारपूर्वक सुनाया। | mahabharat अध्याय 3.20: श्रीकृष्ण और शाल्वका भीषण युद्ध । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमुक्त: स तु मया विस्तरेणेदमब्रवीत्।
रोधं मोक्षं च शाल्वेन हार्दिक्यो राजसत्तम॥ ५॥
अनुवाद
हे राजनश्रेष्ठ! मेरे ऐसा पूछने पर कृतवर्मा ने मुझे शाल्व द्वारा द्वारकापुरी पर घेरा डालने और फिर उसे छोड़कर भाग जाने का सारा वृत्तांत विस्तारपूर्वक सुनाया।
O best of kings! On my asking this, Kritavarman told me in detail the whole story of Shalva laying siege to Dwarkapuri and then abandoning it and running away.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥