श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 20: श्रीकृष्ण और शाल्वका भीषण युद्ध  »  श्लोक 29
 
 
श्लोक  3.20.29 
ततो हलहलाशब्द: सौभमध्ये व्यवर्धत।
वध्यतां विशिखैस्तीक्ष्णै: पततां च महार्णवे॥ २९॥
 
 
अनुवाद
इससे सौभाग्य विमान में मेरे तीखे बाणों से मारे गए और समुद्र में गिरे राक्षसों का कोलाहल बढ़ गया ॥29॥
 
Due to this, the uproar of the demons who were killed by my sharp arrows in the Saubhagya plane and fell into the ocean increased. ॥ 29॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)