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mahabharat 3.20.10: 'मैं शाल्वसहित सौभनगर का विनाश करने के पश्चात् ही तुमसे पुनः मिलूँगा। अब शत्रुओं को भयभीत करने के लिए इस डमरू को तीन बार बजाओ।'॥10॥   |   mahabharat अध्याय 3.20: श्रीकृष्ण और शाल्वका भीषण युद्ध   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 20: श्रीकृष्ण और शाल्वका भीषण युद्ध  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.20.10 
सशाल्वं सौभनगरं हत्वा द्रष्टास्मि व: पुन:।
त्रि:सामा हन्यतामेषा दुन्दुभि: शत्रुभीषणा॥ १०॥
 
 
अनुवाद
'मैं शाल्वसहित सौभनगर का विनाश करने के पश्चात् ही तुमसे पुनः मिलूँगा। अब शत्रुओं को भयभीत करने के लिए इस डमरू को तीन बार बजाओ।'॥10॥
 
'I will meet you again only after I have destroyed Saubhanagara along with Shalva. Now play this drum thrice to frighten the enemies.'॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)