Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.2.81: रुद्र, साध्य, आदित्य, वसु तथा अश्विनी के दोनों पुत्र योगजनित ऐश्वर्य से युक्त होकर इन प्रजाओं का पालन और पोषण करते हैं। 81.   |   mahabharat अध्याय 3.2: धनके दोष, अतिथिसत्कारकी महत्ता तथा कल्याणके उपायोंके विषयमें धर्मराज युधिष्ठिरसे ब्राह्मणों तथा शौनकजीकी बातचीत   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 2: धनके दोष, अतिथिसत्कारकी महत्ता तथा कल्याणके उपायोंके विषयमें धर्मराज युधिष्ठिरसे ब्राह्मणों तथा शौनकजीकी बातचीत  »  श्लोक 81
 
 
श्लोक  3.2.81 
रुद्रा: साध्यास्तथाऽऽदित्या वसवोऽथ तथाश्विनौ।
योगैश्वर्येण संयुक्ता धारयन्ति प्रजा इमा:॥ ८१॥
 
 
अनुवाद
रुद्र, साध्य, आदित्य, वसु तथा अश्विनी के दोनों पुत्र योगजनित ऐश्वर्य से युक्त होकर इन प्रजाओं का पालन और पोषण करते हैं। 81.
 
Rudra, Sadhya, Aditya, Vasu and the two sons of Ashwini, endowed with the prosperity generated by Yoga, support and nourish these subjects. 81.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)