vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 2: धनके दोष, अतिथिसत्कारकी महत्ता तथा कल्याणके उपायोंके विषयमें धर्मराज युधिष्ठिरसे ब्राह्मणों तथा शौनकजीकी बातचीत
»
श्लोक 22
श्लोक
3.2.22
व्याधेरनिष्टसंस्पर्शाच्छ्रमादिष्टविवर्जनात्।
दु:खं चतुर्भि: शारीरं कारणै: सम्प्रवर्तते॥ २२॥
अनुवाद
'रोग, अप्रिय घटनाएँ, अत्यधिक कार्य और प्रिय वस्तुओं से वियोग - इन चार कारणों से शारीरिक दुःख होता है ॥ 22॥
'Disease, unpleasant events, excessive work and separation from beloved things - these four causes result in physical suffering. ॥ 22॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×