Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.2.21: ‘यह सारा जगत मानसिक और शारीरिक दुःखों से पीड़ित है। उन दोनों प्रकार के दुःखों की शांति के लिए इस उपाय को संक्षेप में और विस्तार से सुनो।’ 21॥ | mahabharat अध्याय 3.2: धनके दोष, अतिथिसत्कारकी महत्ता तथा कल्याणके उपायोंके विषयमें धर्मराज युधिष्ठिरसे ब्राह्मणों तथा शौनकजीकी बातचीत । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘यह सारा जगत मानसिक और शारीरिक दुःखों से पीड़ित है। उन दोनों प्रकार के दुःखों की शांति के लिए इस उपाय को संक्षेप में और विस्तार से सुनो।’ 21॥
‘The whole world is suffering from mental and physical sorrows. Listen to this remedy for peace of both those types of sorrows in brief and in detail. 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥