श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 199: राजा इन्द्रद्युम्न तथा अन्य चिरजीवी प्राणियोंकी कथा  »  श्लोक d1
 
 
श्लोक  3.199.d1 
(एवमुक्तो राजर्षिरिन्द्रद्युम्न: पुनर्मामब्रवीद् अथास्ति कश्चित् त्वत्तश्चिरं जाततर इति॥ )
 
 
अनुवाद
'मेरे ऐसा कहने के बाद राजा इन्द्रद्युम्न ने मुझसे पुनः पूछा, 'क्या कोई प्राचीन प्राणी है जो आपसे पहले उत्पन्न हुआ था?'
 
‘After I said this, King Indradyumna again asked me, ‘Is there any ancient being who was born before you?’
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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