श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 199: राजा इन्द्रद्युम्न तथा अन्य चिरजीवी प्राणियोंकी कथा  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  3.199.6 
स मुहूर्तमिव ध्यात्वाब्रवीदेनं नाभिजानामि भवन्तमिति स एवमुक्त इन्द्रद्युम्न: पुनस्तमुलूकमब्रवीद् राजर्षि:॥ ६॥
 
 
अनुवाद
‘कुछ देर तक विचार करने के बाद उसने उससे कहा - ‘मैं तुम्हें नहीं जानता।’ उल्लू की यह बात सुनकर राजा इन्द्रद्युम्न ने उससे पुनः पूछा -॥6॥
 
‘After thinking for a while he said to him - 'I do not know you.' On hearing Owl say this, King Indradyumna asked him again -॥ 6॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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