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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 199: राजा इन्द्रद्युम्न तथा अन्य चिरजीवी प्राणियोंकी कथा
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श्लोक 5
श्लोक
3.199.5
तत: स मामश्वो भूत्वा तत्रावहद् यत्र बभूवोलूक:। अथैनं स राजा पप्रच्छ प्रतिजानाति मां भवानिति॥ ५॥
अनुवाद
तब इन्द्रद्युम्न मुझे घोड़े के रूप में उस स्थान पर ले गए जहाँ उल्लू रहता था। वहाँ राजा ने उससे पूछा - 'क्या तुम मुझे जानते हो?'॥5॥
‘Then Indradyumna took me in the form of a horse to the place where the owl lived. There the king asked him – ‘Do you know me?’॥ 5॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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