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श्री महाभारत
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पर्व 3: वन पर्व
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अध्याय 198: देवर्षि नारदद्वारा शिबिकी महत्ताका प्रतिपादन
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श्लोक 21
श्लोक
3.198.21
तत: प्रासादयद् ब्राह्मणं भगवन् भुज्यतामिति। मुहूर्तादुद्वीक्ष्य शिबिमब्रवीत्॥ २१॥
अनुवाद
तब राजा ने ब्राह्मण को समझाकर कहा - 'भगवन्! आप भोजन करें।' दो क्षण ऊपर की ओर देखकर ब्राह्मण ने शिबिष से कहा -॥21॥
‘Then the king persuaded the brahmin and said, ‘Lord! Please have your meal.’ After looking upwards for two moments the brahmin said to Shibish -॥ 21॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
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हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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