कपोतं विद्यु: शिबयस्त्वां कपोत
पृच्छामि ते शकुने को नु श्येन:।
नानीश्वर ईदृशं जातु कुर्या-
देतं प्रश्नं भगवन् मे विचक्ष्व॥ २४॥
अनुवाद
कबूतर! ये शिबिवंशी लोग तुम्हें कबूतर समझते थे। हे महान पक्षी! मैं तुमसे पूछता हूँ, बताओ, यह बाज कौन था? भगवान के अतिरिक्त कोई भी ऐसा चमत्कार नहीं कर सकता। हे प्रभु! मेरे प्रश्न का उत्तर दो।॥24॥
‘Dove! These people of the Shibi used to think you were a pigeon. O great bird! I ask you, tell me, who was this hawk? No one except God can ever do such a miraculous deed. O Lord! Answer my question as it is.’॥ 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)