श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 197: इन्द्र और अग्निद्वारा राजा शिबिकी परीक्षा  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.197.1 
मार्कण्डेय उवाच
देवानां कथा संजाता महीतलं गत्वा महीपतिं शिबिमौशीनरं साध्वेनं शिबिं जिज्ञास्याम इति। एवं भो इत्युक्त्वा अग्नीन्द्रावुपतिष्ठेताम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
मार्कण्डेय कहते हैं: युधिष्ठिर! एक बार देवताओं ने आपस में विचार किया कि, ‘आओ, हम पृथ्वी पर जाकर उशीनर के पुत्र राजा शिबि की श्रेष्ठता की परीक्षा करें।’ ‘ऐसा ही हो’ ऐसा कहकर अग्नि और इन्द्र वहाँ जाने को तैयार हुए॥ 1॥
 
Mārkaṇḍeya says: Yudhishthir! Once the gods discussed among themselves, 'Let us go to the earth and test the superiority of King Sibi, the son of Uśināra.' Saying, 'So be it', Agni and Indra prepared to go there.॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)