Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.194.8: इस प्रकार नारदजी ने स्वयं अपने मुख से राजा शिबिकि महात्मा का वर्णन किया ॥8॥ | mahabharat अध्याय 3.194: क्षत्रिय राजाओंका महत्त्व—सुहोत्र और शिबिकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार नारदजी ने स्वयं अपने मुख से राजा शिबिकि महात्मा का वर्णन किया ॥8॥
‘In this way Naradji personally described King Shibiki Mahatma from his own mouth.’ 8॥
इति श्रीमहाभारते वनपर्वणि मार्कण्डेयसमास्यापर्वणि शिबिचरिते चतुर्नवत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १९४॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत वनपर्वके अन्तर्गत मार्कण्डेयसमास्यापर्वमें शिबिचरितविषयक
एक सौ चौरानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १९४॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥