श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 193: इन्द्र और बक मुनिका संवाद  »  श्लोक 22
 
 
श्लोक  3.193.22 
अपि प्रत्यक्षमेवैतत् तव देव शतक्रतो।
अकुलानां समृद्धानां कथं कुलविपर्यय:॥ २२॥
 
 
अनुवाद
हे देवा शतक्रतो! आप भी प्रत्यक्ष देख रहे हैं कि किस प्रकार समृद्ध किन्तु दीन लोगों के परिवार उलट-पुलट हो जाते हैं ॥22॥
 
O Deva Shatakrato! You are also witnessing firsthand how the families of prosperous but lowly people are turned upside down. ॥22॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)