श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 193: इन्द्र और बक मुनिका संवाद  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  3.193.1 
वैशम्पायन उवाच
मार्कण्डेयमृषयो ब्राह्मणा युधिष्ठिरश्च पर्यपृच्छन्नृषि: केन दीर्घायुरासीद् बको मार्कण्डेयस्तु तान् सर्वानुवाच॥ १॥
 
 
अनुवाद
वैशम्पायन कहते हैं- जनमेजय! एक दिन ऋषियों, ब्राह्मणों तथा युधिष्ठिर ने मार्कण्डेय मुनि से पूछा- 'ब्राह्मण! महर्षि बकरा को इतनी लंबी आयु कैसे प्राप्त हुई?' तब मार्कण्डेय ने उनसे कहा-॥ 1॥
 
Vaishmpayana says - Janamejaya! One day the sages, Brahmins and Yudhishthira asked Markandeya Muni - 'Brahmin! How did Maharishi Bakra attain such a long life?' Then Markandeya told them -॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)