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mahabharat 3.192.9: तभी उसकी नज़र एक लड़की पर पड़ी, जो अपने अत्यंत सुंदर रूप के कारण देखने लायक थी। वह जंगल में फूल तोड़ते हुए गीत गा रही थी। धीरे-धीरे वह घूमती हुई राजा के पास पहुँची।   |   mahabharat अध्याय 3.192: इक्ष्वाकुवंशी परीक्षित् का मण्डूकराजकी कन्यासे विवाह, शल और दलके चरित्र तथा वामदेव मुनिकी महत्ता   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 192: इक्ष्वाकुवंशी परीक्षित् का मण्डूकराजकी कन्यासे विवाह, शल और दलके चरित्र तथा वामदेव मुनिकी महत्ता  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.192.9 
अथापश्यत् कन्यां परमरूपदर्शनीयां पुष्पाण्यवचिन्वन्तीं गायन्तीं च। अथ सा राज्ञ:समीपे पर्यक्रामत्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
तभी उसकी नज़र एक लड़की पर पड़ी, जो अपने अत्यंत सुंदर रूप के कारण देखने लायक थी। वह जंगल में फूल तोड़ते हुए गीत गा रही थी। धीरे-धीरे वह घूमती हुई राजा के पास पहुँची।
 
‘Just then his eyes fell on a girl, who was worth seeing because of her extremely beautiful appearance. She was singing songs while picking flowers in the forest. Slowly she came near the king while wandering.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)