Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.192.54: वामदेव बोले - राजन! जब आपने मुझसे ये दोनों घोड़े लिए थे, तब आपने वचन दिया था कि इन्हें लौटा देंगे। ऐसी स्थिति में यदि आप स्वयं को जीवित रखना चाहते हैं, तो मेरे वाम्य नामक दोनों घोड़े लौटा दीजिए। | mahabharat अध्याय 3.192: इक्ष्वाकुवंशी परीक्षित् का मण्डूकराजकी कन्यासे विवाह, शल और दलके चरित्र तथा वामदेव मुनिकी महत्ता । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वामदेव बोले - राजन! जब आपने मुझसे ये दोनों घोड़े लिए थे, तब आपने वचन दिया था कि इन्हें लौटा देंगे। ऐसी स्थिति में यदि आप स्वयं को जीवित रखना चाहते हैं, तो मेरे वाम्य नामक दोनों घोड़े लौटा दीजिए।
Vaamdev said - King! When you had taken these two horses from me, you had promised that you will return them. In such a situation, if you want to keep yourself alive, then return both my horses named Vaamya. 54.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥