श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 192: इक्ष्वाकुवंशी परीक्षित् का मण्डूकराजकी कन्यासे विवाह, शल और दलके चरित्र तथा वामदेव मुनिकी महत्ता  »  श्लोक 33
 
 
श्लोक  3.192.33 
तमब्रवीद् राजा तया समर्थी सा मे दीयतामिति॥ ३३॥
 
 
अनुवाद
तब राजा ने मंडूकराज से कहा, 'मुझे आपकी वह पुत्री चाहिए, उसे मुझे सौंप दीजिए।'
 
Then the king said to the King of Mandukas, 'I want that daughter of yours, hand her over to me.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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