श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 192: इक्ष्वाकुवंशी परीक्षित् का मण्डूकराजकी कन्यासे विवाह, शल और दलके चरित्र तथा वामदेव मुनिकी महत्ता  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  3.192.3 
‘अयोध्यायामिक्ष्वाकुकुलोद्वह: पार्थिव: परिक्षिन्नाम मृगयामगमत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
‘अयोध्यापुरी में इक्ष्वाकुकुल के वीर एवं पराक्रमी राजा परीक्षित रहते थे। एक दिन वे शिकार खेलने गए॥3॥
 
‘In Ayodhyapuri, the brave and brave King Parikshit of Ikshvakukul lived. One day they went hunting. 3॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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