श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 192: इक्ष्वाकुवंशी परीक्षित् का मण्डूकराजकी कन्यासे विवाह, शल और दलके चरित्र तथा वामदेव मुनिकी महत्ता  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  3.192.12 
स राजा तां बाढमित्युक्त्वा तामुपयेमे कृतोद्वाहश्च राजा परीक्षित् क्रीडमानो मुदा परमया युक्तस्तूष्णीं सङ्गम्य तया सहास्ते॥ १२॥
 
 
अनुवाद
तब राजा ने 'बहुत अच्छा' कहकर उससे (गन्धर्व विवाह) कर लिया। विवाह के बाद राजा परीक्षित उसके साथ बड़े आनन्द से क्रीड़ा करने लगे और एकान्त में उसके साथ शान्त भाव से बैठा करते थे॥12॥
 
‘Then the king said, “Very good” and married her (Gandharva). After the marriage, King Parikshit started playing with her very happily and used to sit quietly with her in solitude.॥12॥
 ✨ ai-generated
 
 
  Connect Form
  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
  © 2026 vedamrit.in All Rights Reserved. Developed by AmritChaitanyaDas