श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 192: इक्ष्वाकुवंशी परीक्षित् का मण्डूकराजकी कन्यासे विवाह, शल और दलके चरित्र तथा वामदेव मुनिकी महत्ता  »  श्लोक 10
 
 
श्लोक  3.192.10 
तामब्रवीद् राजा कस्यासि भद्रे का वा त्वमिति। सा प्रत्युवाच कन्याऽस्मीति तां राजोवाचार्थी त्वयाहमिति॥ १०॥
 
 
अनुवाद
तब राजा ने उससे पूछा, ‘कल्याणी! तुम कौन हो और किसकी हो?’ उसने उत्तर दिया, ‘मैं एक लड़की हूँ - मेरी अभी शादी नहीं हुई है।’ तब राजा ने उससे कहा, ‘अच्छी लड़की! मैं तुमसे प्यार करता हूँ।’
 
Then the king asked her, 'Kalyani! Who are you and whose are you?' She replied, 'I am a girl - I am not yet married.' Then the king said to her, 'Good girl! I love you.'
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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