vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 3: वन पर्व
»
अध्याय 191: भगवान् कल्कीके द्वारा सत्ययुगकी स्थापना और मार्कण्डेयजीका युधिष्ठिरके लिये धर्मोपदेश
»
श्लोक 29
श्लोक
3.191.29
मुह्यन्ति हि प्रजास्तात कालेनापि प्रचोदिता:।
मा च तत्र विशङ्काभूद् यन्मयोक्तं तवानघ॥ २९॥
अनुवाद
युधिष्ठिर! ये सभी लोग काल के प्रभाव से पीड़ित हैं। हे अनघ! मैंने जो कुछ तुमसे कहा है, उसमें तुम्हें कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
Yudhishthira! All these people are afflicted by the influence of time. O Anagha! You should not have any doubts about whatever I have told you.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×