Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.191.19: हे पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ महाराज! आपको सदैव धर्म में ही लगे रहना चाहिए; क्योंकि पुण्यात्मा पुरुष इस लोक में तथा परलोक में भी बहुत सुखपूर्वक रहता है॥ 19॥ | mahabharat अध्याय 3.191: भगवान् कल्कीके द्वारा सत्ययुगकी स्थापना और मार्कण्डेयजीका युधिष्ठिरके लिये धर्मोपदेश । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
धर्मे त्वयाऽऽत्मा संयोज्यो नित्यं धर्मभृतां वर।
धर्मात्मा हि सुखं राजन् प्रेत्य चेह च नन्दति॥ १९॥
अनुवाद
हे पुण्यात्माओं में श्रेष्ठ महाराज! आपको सदैव धर्म में ही लगे रहना चाहिए; क्योंकि पुण्यात्मा पुरुष इस लोक में तथा परलोक में भी बहुत सुखपूर्वक रहता है॥ 19॥
O best among the virtuous, Maharaj! You should always keep yourself engaged in righteousness; because a virtuous man lives very happily in this world as well as the next.॥ 19॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥