श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 191: भगवान् कल्कीके द्वारा सत्ययुगकी स्थापना और मार्कण्डेयजीका युधिष्ठिरके लिये धर्मोपदेश  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.191.11 
सर्वेष्वृतुषु राजेन्द्र सर्वं सस्यं भविष्यति।
नरा दानेषु निरता व्रतेषु नियमेषु च॥ ११॥
 
 
अनुवाद
राजेन्द्र! सभी ऋतुओं में सभी प्रकार के अन्न उगेंगे। सभी लोग दान, व्रत और नियम में लगे रहेंगे।॥11॥
 
Rajendra! All kinds of grains will grow in all seasons. Everyone will be engaged in charity, fasting and rules. ॥ 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)