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mahabharat 3.191.10: आश्रम पाखण्ड रहित होंगे और सभी लोग सत्यनिष्ठ होंगे। खेतों में बोए गए सभी प्रकार के बीज अच्छी तरह उगेंगे।॥10॥   |   mahabharat अध्याय 3.191: भगवान् कल्कीके द्वारा सत्ययुगकी स्थापना और मार्कण्डेयजीका युधिष्ठिरके लिये धर्मोपदेश   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.191.10 
आश्रमा हतपाखण्डा: स्थिता: सत्यरता: प्रजा:।
जनिष्यन्ते च बीजानि रोप्यमाणानि चैव ह॥ १०॥
 
 
अनुवाद
आश्रम पाखण्ड रहित होंगे और सभी लोग सत्यनिष्ठ होंगे। खेतों में बोए गए सभी प्रकार के बीज अच्छी तरह उगेंगे।॥10॥
 
The ashrams will be devoid of hypocrites and all the people will be truthful. All kinds of seeds sown in the fields will grow well.॥10॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)