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mahabharat 3.190.80: जब युग का अंत आएगा, तो बोई गई फसलें बिल्कुल नहीं उगेंगी; स्त्रियाँ कठोर स्वभाव वाली और सदैव कड़वी बातें बोलने वाली होंगी। वे रोना अधिक पसंद करेंगी। 80.   |   mahabharat अध्याय 3.190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  3.190.80 
सस्यानि च न रोक्ष्यन्ति युगान्ते पर्युपस्थिते।
अभीक्ष्णं क्रूरवादिन्य: परुषा रुदितप्रिया:॥ ८०॥
 
 
अनुवाद
जब युग का अंत आएगा, तो बोई गई फसलें बिल्कुल नहीं उगेंगी; स्त्रियाँ कठोर स्वभाव वाली और सदैव कड़वी बातें बोलने वाली होंगी। वे रोना अधिक पसंद करेंगी। 80.
 
When the end of the age arrives, the crops sown will not grow at all; women will be harsh-natured and always bitter-spoken. They will prefer to cry. 80.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)