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mahabharat 3.190.73: सभी जनपदों में एक जैसी रीति-रिवाज और वेशभूषा अपनाई जाएगी। बेगार और कर वसूलने वालों से परेशान लोग एकान्त आश्रमों में जाकर फल-मूल खाकर जीवन-यापन करेंगे।   |   mahabharat अध्याय 3.190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन  »  श्लोक 73
 
 
श्लोक  3.190.73 
निर्विशेषा जनपदास्तथा विष्टिकरार्दिता:।
आश्रमानुपलप्स्यन्ति फलमूलोपजीविन:॥ ७३॥
 
 
अनुवाद
सभी जनपदों में एक जैसी रीति-रिवाज और वेशभूषा अपनाई जाएगी। बेगार और कर वसूलने वालों से परेशान लोग एकान्त आश्रमों में जाकर फल-मूल खाकर जीवन-यापन करेंगे।
 
All the districts will adopt similar customs and attire. People, troubled by the forced labourers and tax collectors, will go to solitary ashrams and live on fruits and roots. 73.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)