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mahabharat 3.190.40: युग का अंत आने पर कायर अपने को वीर समझेंगे और वीर कायरों की भाँति दुःख में डूबे रहेंगे। कोई एक दूसरे पर विश्वास नहीं करेगा ॥40॥   |   mahabharat अध्याय 3.190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन  »  श्लोक 40
 
 
श्लोक  3.190.40 
भीरुस्तथा शूरमानी शूरा भीरुविषादिन:।
न विश्वसन्ति चान्योन्यं युगान्ते पर्युपस्थिते॥ ४०॥
 
 
अनुवाद
युग का अंत आने पर कायर अपने को वीर समझेंगे और वीर कायरों की भाँति दुःख में डूबे रहेंगे। कोई एक दूसरे पर विश्वास नहीं करेगा ॥40॥
 
When the end of the age arrives, the cowards will consider themselves to be brave and the brave will be immersed in sorrow like cowards. No one will trust each other. ॥ 40॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)