Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.190.4: कलियुग के अंत में मनुष्यों का बल और पराक्रम कैसा होगा? उनका खान-पान और रहन-सहन कैसा होगा? उनकी आयु कितनी होगी और उनके वस्त्र और आभूषण कैसे होंगे? ॥4॥   |   mahabharat अध्याय 3.190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 190: युगान्तकालिक कलियुगके समयके बर्तावका तथा कल्कि-अवतारका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  3.190.4 
किंवीर्या मानवास्तत्र किमाहारविहारिण:।
किमायुष: किंवसना भविष्यन्ति युगक्षये॥ ४॥
 
 
अनुवाद
कलियुग के अंत में मनुष्यों का बल और पराक्रम कैसा होगा? उनका खान-पान और रहन-सहन कैसा होगा? उनकी आयु कितनी होगी और उनके वस्त्र और आभूषण कैसे होंगे? ॥4॥
 
What will be the strength and valour of the people of Kali Yuga at the end of the age? What will be their food and living habits? What will be their lifespan and what will be their clothes and ornaments? ॥ 4॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)