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न कन्यां याचते कश्चिन्नापि कन्या प्रदीयते।
स्वयंग्राहा भविष्यन्ति युगान्ते समुपस्थिते॥ ३६॥
अनुवाद
जब कलियुग का अंत आएगा, तब न तो कोई किसी से कन्या मांगेगा और न ही कोई कन्या देगा। उस समय वर-वधू स्वयं एक-दूसरे का चुनाव करेंगे।
When the end of Kaliyug comes, neither will anyone beg for a daughter from anyone nor will anyone give away a daughter. At that time, the bride and groom will choose each other themselves.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥