श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 19: प्रद्युम्नके द्वारा शाल्वकी पराजय  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  3.19.9 
प्रतोदेनाहता राजन् रश्मिभिश्च समुद्यता:।
उत्पतन्त इवाकाशे व्यचरंस्ते हयोत्तमा:॥ ९॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! वे उत्तम घोड़े चाबुक मारने और लगाम हिलाने पर बड़े वेग से दौड़ने लगे, मानो आकाश में उड़ रहे हों।
 
O King! Those excellent horses, on being whipped and the reins being shaken, began to run at a great speed, as if they were flying in the sky.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)