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mahabharat 3.19.7: भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं - हे वीर! ऐसा कहकर सारथीपुत्र ने घोड़ों की लगाम हाथ में लेकर उन्हें युद्धभूमि की ओर हाँक दिया और शीघ्रतापूर्वक वहाँ पहुँच गया।   |   mahabharat अध्याय 3.19: प्रद्युम्नके द्वारा शाल्वकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 19: प्रद्युम्नके द्वारा शाल्वकी पराजय  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  3.19.7 
वासुदेव उवाच
एवमुक्त्वा ततो वीर हयान् संचोद्य संगरे।
रश्मिभिस्तु समुद्यम्य जवेनाभ्यपतत् तदा॥ ७॥
 
 
अनुवाद
भगवान श्रीकृष्ण कहते हैं - हे वीर! ऐसा कहकर सारथीपुत्र ने घोड़ों की लगाम हाथ में लेकर उन्हें युद्धभूमि की ओर हाँक दिया और शीघ्रतापूर्वक वहाँ पहुँच गया।
 
Lord Krishna says - O brave one! Having said so, the son of a charioteer took the reins of the horses in his hands and drove them towards the battlefield and reached there quickly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)