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mahabharat 3.19.11: भरतकुलभूषण! दारुक के पुत्र ने अनजाने में ही शाल्व की उस सेना का विनाश कर दिया। यह अद्भुत बात थी। 11॥   |   mahabharat अध्याय 3.19: प्रद्युम्नके द्वारा शाल्वकी पराजय   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 19: प्रद्युम्नके द्वारा शाल्वकी पराजय  »  श्लोक 11
 
 
श्लोक  3.19.11 
सोऽपसव्यां चमूं तस्य शाल्वस्य भरतर्षभ।
चकार नातियत्नेन तदद्‍भुतमिवाभवत्॥ ११॥
 
 
अनुवाद
भरतकुलभूषण! दारुक के पुत्र ने अनजाने में ही शाल्व की उस सेना का विनाश कर दिया। यह अद्भुत बात थी। 11॥
 
Bharatkulbhushan! Daruka's son unknowingly destroyed that army of Shalva (right). This was a wonderful thing. 11॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)