Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.189.57: कुरुकुलश्रेष्ठ पाण्डवों! ये माधव समस्त प्राणियों के पिता और माता हैं। ये ही सबको आश्रय देने वाले हैं। अतः तुम सब उनकी शरण में जाओ। 57॥ | mahabharat अध्याय 3.189: भगवान् बालमुकुन्दका मार्कण्डेयको अपने स्वरूपका परिचय देना तथा मार्कण्डेयद्वारा श्रीकृष्णकी महिमाका प्रतिपादन और पाण्डवोंका श्रीकृष्णकी शरणमें जाना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
सर्वेषामेव भूतानां पिता माता च माधव:।
गच्छध्वमेनं शरणं शरण्यं कौरवर्षभा:॥ ५७॥
अनुवाद
कुरुकुलश्रेष्ठ पाण्डवों! ये माधव समस्त प्राणियों के पिता और माता हैं। ये ही सबको आश्रय देने वाले हैं। अतः तुम सब उनकी शरण में जाओ। 57॥
Kurukula's best Pandavas! This Madhava is the father and mother of all living beings. He is the one who gives shelter to everyone. Therefore, all of you should take refuge in them. 57॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥