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mahabharat 3.188.75-76: कुछ बादल नीले कमल के समान गहरे होते हैं और कुछ कुमुद-कुसुम के समान श्वेत। कुछ कुमुदों की चमक केसर के समान। कुछ बादल हल्दी के समान पीले और कुछ करण्डव पक्षी के समान। कुछ कमल की पंखुड़ियों के समान और कुछ हिंगुल के समान। 75-76।   |   mahabharat अध्याय 3.188: चारों युगोंकी वर्ष-संख्या एवं कलियुगके प्रभावका वर्णन, प्रलयकालका दृश्य और मार्कण्डेयजीको बालमुकुन्दजीके दर्शन, मार्कण्डेयजीका भगवान‍्के उदरमें प्रवेश कर ब्रह्माण्डदर्शन करना और फिर बाहर निकलकर उनसे वार्तालाप करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 188: चारों युगोंकी वर्ष-संख्या एवं कलियुगके प्रभावका वर्णन, प्रलयकालका दृश्य और मार्कण्डेयजीको बालमुकुन्दजीके दर्शन, मार्कण्डेयजीका भगवान‍्के उदरमें प्रवेश कर ब्रह्माण्डदर्शन करना और फिर बाहर निकलकर उनसे वार्तालाप करना  »  श्लोक 75-76
 
 
श्लोक  3.188.75-76 
केचिन्नीलोत्पलश्यामा: केचित् कुमुदसंनिभा:।
केचित् किञ्जल्कसंकाशा: केचित् पीता: पयोधरा:॥ ७५॥
केचिद्धारिद्रसंकाशा: कारण्डवनिभास्तथा।
केचित् कमलपत्राभा: केचिद्धिङ्गुलसप्रभा:॥ ७६॥
 
 
अनुवाद
कुछ बादल नीले कमल के समान गहरे होते हैं और कुछ कुमुद-कुसुम के समान श्वेत। कुछ कुमुदों की चमक केसर के समान। कुछ बादल हल्दी के समान पीले और कुछ करण्डव पक्षी के समान। कुछ कमल की पंखुड़ियों के समान और कुछ हिंगुल के समान। 75-76।
 
Some clouds are dark like blue lotus and some are white like Kumud-Kusum. The luster of some water lilies looks like saffron. Some clouds are yellow like turmeric and some appear like Karandav bird. Some look like lotus petals and some look like Hingul. 75-76.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)