Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.188.74: इसके बाद आकाश में बादलों का एक विशाल समूह उमड़ पड़ता है, जो अद्भुत लगता है। ये बादल हाथियों के झुंड के समान विशाल, श्याम वर्ण के तथा बिजली की मालाओं से सुशोभित होते हैं। 74. | mahabharat अध्याय 3.188: चारों युगोंकी वर्ष-संख्या एवं कलियुगके प्रभावका वर्णन, प्रलयकालका दृश्य और मार्कण्डेयजीको बालमुकुन्दजीके दर्शन, मार्कण्डेयजीका भगवान्के उदरमें प्रवेश कर ब्रह्माण्डदर्शन करना और फिर बाहर निकलकर उनसे वार्तालाप करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इसके बाद आकाश में बादलों का एक विशाल समूह उमड़ पड़ता है, जो अद्भुत लगता है। ये बादल हाथियों के झुंड के समान विशाल, श्याम वर्ण के तथा बिजली की मालाओं से सुशोभित होते हैं। 74.
After this, a huge cloud of clouds gathers in the sky, which looks amazing. Each of these clouds is huge like a herd of elephants, dark in colour and decorated with garlands of lightning. 74.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥