श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 188: चारों युगोंकी वर्ष-संख्या एवं कलियुगके प्रभावका वर्णन, प्रलयकालका दृश्य और मार्कण्डेयजीको बालमुकुन्दजीके दर्शन, मार्कण्डेयजीका भगवान‍्के उदरमें प्रवेश कर ब्रह्माण्डदर्शन करना और फिर बाहर निकलकर उनसे वार्तालाप करना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  3.188.61 
भवन्ति षोडशे वर्षे नरा: पलितिनस्तथा।
आयु:क्षयो मनुष्याणां क्षिप्रमेव प्रपद्यते॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
सोलहवें वर्ष में मनुष्यों के बाल सफेद हो जायेंगे और उनकी आयु शीघ्र ही समाप्त हो जायेगी। 61.
 
In the sixteenth year the hair of men will turn grey and their life span will soon come to an end. 61.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)