Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.188.38-39: लोग छोटे कद के होंगे। उनका शारीरिक बल बहुत कम हो जाएगा और उनकी वाणी में सत्य बहुत कम होगा। प्रायः पूरे के पूरे जनपद जनशून्य हो जाएँगे। सभी दिशाएँ पशुओं और साँपों से भर जाएँगी। जब युग का अंत निकट होगा, तब अधिकांश लोग (अनुभव न होने पर भी) ब्रह्मज्ञान की व्यर्थ बातें करेंगे। शूद्र द्विजों को भो (ऐ) कहेंगे और ब्राह्मण शूद्रों को आर्य अर्थात् आप कहेंगे।॥38-39॥ | mahabharat अध्याय 3.188: चारों युगोंकी वर्ष-संख्या एवं कलियुगके प्रभावका वर्णन, प्रलयकालका दृश्य और मार्कण्डेयजीको बालमुकुन्दजीके दर्शन, मार्कण्डेयजीका भगवान्के उदरमें प्रवेश कर ब्रह्माण्डदर्शन करना और फिर बाहर निकलकर उनसे वार्तालाप करना । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अल्पसाराल्पदेहाश्च तथा सत्याल्पभाषिण:।
बहुशून्या जनपदा मृगव्यालावृता दिश:॥ ३८॥
युगान्ते समनुप्राप्ते वृथा च ब्रह्मवादिन:।
भोवादिनस्तथा शूद्रा ब्राह्मणाश्चार्यवादिन:॥ ३९॥
अनुवाद
लोग छोटे कद के होंगे। उनका शारीरिक बल बहुत कम हो जाएगा और उनकी वाणी में सत्य बहुत कम होगा। प्रायः पूरे के पूरे जनपद जनशून्य हो जाएँगे। सभी दिशाएँ पशुओं और साँपों से भर जाएँगी। जब युग का अंत निकट होगा, तब अधिकांश लोग (अनुभव न होने पर भी) ब्रह्मज्ञान की व्यर्थ बातें करेंगे। शूद्र द्विजों को भो (ऐ) कहेंगे और ब्राह्मण शूद्रों को आर्य अर्थात् आप कहेंगे।॥38-39॥
People will be of short stature. Their physical strength will be greatly reduced and their words will contain very little truth. Often entire districts will be devoid of people. All directions will be filled with animals and snakes. When the end of the age is near, most people (despite not having the experience) will speak uselessly about Brahma Gyan. Shudras will call the twice-born people as Bho (Ai) and Brahmins will address Shudras as Arya, that is, Aap.॥ 38-39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥