Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 3.188.130: हे महर्षि मार्कण्डेय! क्या आपने मेरे इस शरीर में विश्राम किया है? मुझे बताइए॥130॥   |   mahabharat अध्याय 3.188: चारों युगोंकी वर्ष-संख्या एवं कलियुगके प्रभावका वर्णन, प्रलयकालका दृश्य और मार्कण्डेयजीको बालमुकुन्दजीके दर्शन, मार्कण्डेयजीका भगवान‍्के उदरमें प्रवेश कर ब्रह्माण्डदर्शन करना और फिर बाहर निकलकर उनसे वार्तालाप करना   ।   mahabharat पर्व 3: वन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 3: वन पर्व  »  अध्याय 188: चारों युगोंकी वर्ष-संख्या एवं कलियुगके प्रभावका वर्णन, प्रलयकालका दृश्य और मार्कण्डेयजीको बालमुकुन्दजीके दर्शन, मार्कण्डेयजीका भगवान‍्के उदरमें प्रवेश कर ब्रह्माण्डदर्शन करना और फिर बाहर निकलकर उनसे वार्तालाप करना  »  श्लोक 130
 
 
श्लोक  3.188.130 
अपीदानीं शरीरेऽस्मिन् मामके मुनिसत्तम।
उषितस्त्वं सुविश्रान्तो मार्कण्डेय ब्रवीहि मे॥ १३०॥
 
 
अनुवाद
हे महर्षि मार्कण्डेय! क्या आपने मेरे इस शरीर में विश्राम किया है? मुझे बताइए॥130॥
 
‘O great sage Markandeya! Have you rested in this body of mine? Tell me.’॥ 130॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)