Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 3.187.7: हे प्रभु! मैं एक छोटी मछली हूँ। मुझे (अपनी जाति के) बलवान मछलियों से सदैव भय लगा रहता है। अतः हे उत्तम व्रत का पालन करने वाले महर्षि, आप उनसे मेरी रक्षा कीजिए। 7. | mahabharat अध्याय 3.187: वैवस्वत मनुका चरित्र तथा मत्स्यावतारकी कथा । mahabharat पर्व 3: वन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे प्रभु! मैं एक छोटी मछली हूँ। मुझे (अपनी जाति के) बलवान मछलियों से सदैव भय लगा रहता है। अतः हे उत्तम व्रत का पालन करने वाले महर्षि, आप उनसे मेरी रक्षा कीजिए। 7.
Lord! I am a small fish. I am always afraid of the strong fishes (of my species). Therefore, O great sage who observes the best fast, please protect me from them. 7.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥